इस लेख में आप Salatul Tasbeeh Ki Namaz Ki Niyat हिंदी और अरबी में जानेंगे। हमने यहां पर सलातुल तस्बीह की नमाज़ की नियत हिंदी और अरबी नियत भी हिंदी के साफ़ लफ़्ज़ों में बताया है।
यहां पढ़ने के बाद आप आसानी से सलातुल तस्बीह की नमाज़ की नियत कर पाएंगे, यकीनन इसके बाद फिर आपको कहीं पर भी सलातुल तस्बीह की नियत नहीं तलाशनी पड़ेगी इसीलिए आप यहां ध्यान से पुरा पढ़ें।
Salatul Tasbeeh Ki Namaz Ki Niyat
आप भी इस बात से बखुबी वाकिफ होंगे कि सलातुल तस्बीह की नमाज़ एक बार में 4 रकात की नियत से मुकम्मल नमाज़ अदा की जाती है।
यहां पर सलातुल तस्बीह की हिंदी और अरबी नियत हिंदी में बताई है साथ ही सलातुल तस्बीह की नियत का तरीका भी बताया गया है।
सलातुल तस्बीह की नमाज़ की नियत हिंदी में
नियत की मैने 4 रकात नमाज़ सलातुल तस्बीह की नफ्ल वास्ते अल्लाह तआला के रूख मेरा काअबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर।
सलातुल तस्बीह की नमाज़ की नियत अरबी में
नवैतुवन उसल्लीय लिल्लाही तआला रकाति सलावतिल नफ्ली मुतवाजि़हन इल्लाजिहातिल काअबतिश शरीफती अल्लाहू अकबर।
सलातुल तस्बीह की नमाज़ की नियत का तरीका

- सबसे पहले आप किब्ला की रूख करके सीधे खड़े हो जाएंगे और सलातुल तस्बीह की नमाज़ की नियत करें जो उपर में लिखी हुई है।
- अगर आप लफ्ज़ में जुबान से नियत नहीं भी कर सकते तो ये भी बेहतर होगा कि अपने दिल में नियत करें कि यह नमाज़ सलातुल तस्बीह की अदा कर रहे हैं।
- जब खड़े होने के बाद सही से नियत कर लेंगे तो आपका नियत का प्रोसेस हो जाएगा अब आगे आईए जानते हैं नियत बांधने का सही तरीका।
सलातुल तस्बीह की नमाज़ की नियत कैसे बांधे?
- सलातुल तस्बीह की नमाज़ की नियत मुकम्मल पढ़ने के बाद अल्लाहू अकबर कहते हुए अपने हाथों को कानों तक उठाएं और कान की लौ छू कर हांथ नीचे लाएं।
- हांथ को नीचे ला कर अगर आप औरत हैं तो आप नियत सीने पर बांधे लेकीन अगर पुरुष हैं तो आप अपना नियत नाफ़ के नीचे बांधे।
- इस तरह से कि पहले बायां हाथ की हंथेली नीचे रखेंगे इसके उपर में दाहिनी हंथेली रखेंगे और उपर नीचे से एक एक उंगली से नीचे की हांथ पकड़ लेंगे।
- यहां पर ध्यान दें उपर में सिर्फ तीन उंगली ही रहना चाहिए और नियत आपको कलाई पर बांधनी है यानी उंगली से कलाई पर पकड़नी है।
अंतिम लफ्ज़
मेरे प्यारे मोमिनों अब तो आप भी आसानी से Salatul Tasbeeh Ki Namaz Ki Niyat समझ गए होंगे साथ ही सलातुल तस्बीह की नियत का तरीका भी जान गए होंगे हमने यहां पर नियत और नियत का तरीका आसान लफ्ज़ों में बताया था जिसे आप आसानी से समझ जाएं।
अगर इसे पढ़ने के बाद भी कोई दिक्कत आ रही हो या कुछ डाउट हो तो आप हमसे कॉमेंट करके पूछ सकते हैं साथ ही इस नियत और नियत का तरीका को जरूरत के मुताबिक खूब शेयर करें इस नेक अमल के लिए आप को हम सब का रब जरूर अज्र देगा इंशाल्लाह तआला।
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