Isha Ki Namaz Ka Tarika । ईशा की नमाज का सही और आसान तरीका

Isha Ki Namaz Ka Tarika: आज यहां आप बहुत ही आसानी से जानेंगे। क्योंकी हमने यहां पर ईशा की नमाज पढ़ने का सही तरीक़ा, नियत, रकात सभी चीजें बहुत ही स्पष्ट और आसान लफ़्ज़ों में बताया है।

इसे पढ़ने के बाद आप बहुत ही आसानी ईशा की नमाज अदा कर पाएंगे। फिर इसके बाद आपको कहीं पर भी ईशा की नमाज अदा करने का तरीका ढूंढनी नहीं पड़ेगी, इसीलिए आप यहां पे पुरा ध्यान से पढ़ें।

Isha Ki Namaz Ka Tarika

पहले हम सबको यह मालूम होना चाहिए कि ईशा की नमाज में सुन्नत, फर्ज, वित्र वाजिब और नफ्ल मिला कर 17 रकात नमाज अदा करनी होती है।

सबसे पहले ईशा की नमाज का 4 रकात सुन्नत का तरीका यहां जानेंगे फिर इसके बाद 4 रकात ईशा की नमाज में फर्ज भी पढ़ी जाती है।

इसके बाद 2 रकात सुन्नत फिर नफ्ल भी 2 रकात और इसके बाद वित्र वाजिब 3 रकात पढ़ी जाती है इसके बाद फिर से 2 रकात नफ्ल पढ़ी जाती है।

हम यहां पर ईशा की नमाज का पुरा तरीका एक एक करके स्टेप बाय स्टेप जानेंगे तो आप ध्यान से और इत्मीनान से पुरा पढ़ें और समझें।

ईशा की 4 रकात सुन्नत की पहली रकात

  1. पहले ईशा की 4 रकात सुन्नत नमाज की नियत करेंगे।
  2. फिर अल्लाहू अकबर कह के अपने हांथों को बांध लेंगे।
  3. नीचे ईशा की नमाज की नियत लिखी हुई है समझ लें।
  4. इसके बाद सना यानी सुब्हान क अल्लाहुम्मा पुरा पढ़ें।
  5. फिर तअव्वुज अउजुबिल्लाह मिनश शैतानीर्रजीम पढ़ें।
  6. अब तस्मियह यानी बिस्मिल्लाह हिर्रहमान निर्रहिम पढ़ेंगे।
  7. इसके बाद सूरह फातिहा यानी अलहम्दु शरीफ पुरा पढ़ें।
  8. सूरह फातिहा पुरा पढ़ने के बाद आहिस्ते से आमिन कहें।
  9. फिर नमाज में पढ़ी जाने वाली सूरह से कोई एक सूरह पढ़ें।
  10. इसके बाद अल्लाहु अकबर कहते हुए रूकूअ में जाएं।
  11. रूकूअ में 3, 5, या 7 बार सुब्हान रब्बियल अज़ीम पढ़ें।
  12. फिर समिअल्लाहु लिमन हमिदह कहते हुए रूकूअ से उठें।
  13. रूकूअ से उठते उठते भर में रब्बना लकल हम्द भी कहेंगे।
  14. इसके बाद अल्लाहु अकबर कहते हुए सज्दे में जाएं।
  15. सज्दे में कम से कम तीन बार सुब्हान रब्बियल अला पढ़ें।
  16. फिर अल्लाहु अकबर कहते हुए उठ कर बैठ जाएं।
  17. फिर तुरंत अल्लाहु अकबर कहते हुए दुसरी सज्दा करें।
  18. दुसरी सज्दा में भी तीन बार सुब्हान रब्बियल अला पढ़ें।
  19. अब अल्लाहु अकबर कहते हुए दुसरी रकात के लिए खड़े हो जाएं‌।

ईशा की 4 रकात सुन्नत की दूसरी रकात

  1. पहले यहां अउजुबिल्लाह और बिस्मिल्लाह शरीफ पढ़े।
  2. फिर सूरह फातिहा पढ़ें और पुरा पढ़ने पर आमिन कहें।
  3. फिर इसके बाद कोई भी छोटी या बड़ी सूरह को पढ़ें।
  4. अब अल्लाहु अकबर कहते हुए रूकूअ में जाएं।
  5. रूकूअ में 3, 5, या 7 बार सुब्हान रब्बियल अज़ीम पढ़ें।
  6. फिर समिअल्लाहु लिमन हमिदह कहते हुए रूकूअ से उठें।
  7. रूकूअ से उठते उठते भर में रब्बना लकल हम्द भी कहेंगे।
  8. इसके बाद अल्लाहु अकबर कहते हुए सज्दे में जाएं।
  9. सज्दे में कम से कम तीन बार सुब्हान रब्बियल अला पढ़ें।
  10. फिर अल्लाहु अकबर कहते हुए उठ कर बैठ जाएं।
  11. फिर तुरंत अल्लाहु अकबर कहते हुए दुसरी सज्दा करें।
  12. दुसरी सज्दा में भी तीन बार सुब्हान रब्बियल अला पढ़ें।
  13. अब अल्लाहु अकबर कहते हुए उठ कर बैठ जाएं और तशह्हुद पढ़ें।
  14. तशह्हुद यानी अत्तहिय्यात पढ़ते हुए जब कलिमें ला पर पहुंचे तो दाहिने हाथ से शहादत उंगली खड़ा करें।
  15. इसके बाद तुरंत इल्ला पर गिरा दें और अल्लाहु अकबर कहते हुए तीसरी रकात के लिए खड़े हो जाएं।

ईशा की 4 रकात सुन्नत की तीसरी रकात

  1. यहां पर पहले अउजुबिल्लाह मिनश शैतानीर्रजीम पढ़ें।
  2. अब तस्मियह यानी बिस्मिल्लाह हिर्रहमान निर्रहिम पढ़ेंगे।
  3. इसके बाद सूरह फातिहा यानी अलहम्दु शरीफ पुरा पढ़ें।
  4. सूरह फातिहा पुरा पढ़ने के बाद आहिस्ते से आमिन कहें।
  5. फिर कोई भी एक कुरान पाक की सूरह को पढ़ें।
  6. इसके बाद अल्लाहु अकबर कहते हुए रूकूअ में जाएं।
  7. रूकूअ में 3, 5, या 7 बार सुब्हान रब्बियल अज़ीम पढ़ें।
  8. फिर समिअल्लाहु लिमन हमिदह कहते हुए रूकूअ से उठें।
  9. रूकूअ से उठते उठते भर में रब्बना लकल हम्द भी कहेंगे।
  10. इसके बाद अल्लाहु अकबर कहते हुए सज्दे में जाएं।
  11. सज्दे में कम से कम तीन बार सुब्हान रब्बियल अला पढ़ें।
  12. फिर अल्लाहु अकबर कहते हुए उठ कर बैठ जाएं।
  13. फिर तुरंत अल्लाहु अकबर कहते हुए दुसरी सज्दा करें।
  14. दुसरी सज्दा में भी तीन बार सुब्हान रब्बियल अला पढ़ें।
  15. अब अल्लाहु अकबर कहते हुए चौथी रकात के लिए खड़े हो जाएं‌।

ईशा की 4 रकात सुन्नत की चौथी रकात

  1. यहां भी पहले अउजुबिल्लाह और बिस्मिल्लाह पुरा पढ़ें।
  2. फिर सूरह फातिहा पुरा पढ़ेंगे और आमिन कहेंगे।
  3. फिर यहां भी कोई एक छोटी या बड़ी सूरह को पढ़ेंगे।
  4. इसके बाद अल्लाहु अकबर कह कर रूकूअ में जाएंगे।
  5. रूकूअ में कम से कम 3 बार सुब्हान रब्बियल अज़ीम पढ़ें।
  6. फिर समिअल्लाहु लिमन हमिदह कहते हुए रूकूअ से उठें।
  7. रूकुअ से उठ जाने पर रब्बना लकल हम्द भी कहेंगे।
  8. फिर तुरंत अल्लाहु अकबर कहते हुए सिधे सज्दे में जाएंगे।
  9. सज्दे में कम से कम 3 बार सुब्हान रब्बियल अला पढ़ेंगे।
  10. अब अल्लाहु अकबर कहते हुए उठ कर बैठ जाएंगे।
  11. तुरंत बाद अल्लाहु अकबर कहते हुए दुसरी सज्दा करेंगे।
  12. दुसरी सज्दा में भी तीन बार सुब्हान रब्बियल अला पढ़ेंगे।
  13. दुसरी सज्दा मुकम्मल करने के बाद अब आप।
  14. अल्लाहु अकबर कहते हुए तशह्हुद के लिए बैठ जाएंगे।
  15. इसके बाद अत्तहिय्यात यानी तशह्हुद को पुरा पढ़ेंगे।
  16. अत्तहिय्यात पढ़ते हुए जब अश्हदु ला पर पहुंचे।
  17. तो दाहिने हाथ से शहादत उंगली को खड़ा करेंगे।
  18. फिर इल्लाहा पर उंगली गिरा कर सीधी कर लेंगे।
  19. इसके बाद दुरूद शरीफ में दुरूदे इब्राहिम को पढ़ें।
  20. फिर इसके बाद दुआए मासुरह को पढ़ेंगे।
  21. अब आप इसके बाद सलाम फेर लेंगे।
  22. सबसे पहले अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाह कहते हुए दाहिने तरफ गर्दन घुमाएं।
  23. फिर अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाह कहते हुए बाएं जानिब गर्दन को घुमाएं।

यहां तक आपकी 4 रकात सुन्नत ईशा की नमाज की हो गई अब दुआ करके आगे 4 रकात ईशा की नमाज का फर्ज अदा करें कुछ इस तरह।

ईशा की 4 रकात फर्ज नमाज का तरीका

पहले हमें इस बात को जानना चाहीए कि इस ईशा की 4 रकात फर्ज नमाज को दो तरीकों से पढ़ी जाती है अकेले में और इमाम के पीछे।

हमने इसमें 4 रकात फर्ज नमाज पढ़ने का दोनों तरीकों को एक एक करके बहुत ही अच्छे तरीके से स्टेप बाय स्टेप बताया है आप आसानी से समझ जाएंगे।

ईशा की 2 रकात सुन्नत नमाज का तरीका

इसे तो आप अदा कर ही लेंगे ईशा की सुन्नत नमाज की तरह ही बिल्कुल है उसमें आपको 4 रकात सुन्नत नमाज अदा करना था यहां 2 रकात है।

अगर आप इसे भी जानना चाहते हैं तो आप इस लिंक 2 रकात सुन्नत नमाज का तरीका पर क्लिक करके समझ लें यहां पर डिटेल्स में लिखा गया है।

ईशा की 2 रकात नफ्ल नमाज का तरीका

ईशा की नमाज में 2 रकात नफ्ल नमाज आप इसका सुन्नत नमाज की तरह ही पढ़ें सिर्फ नियत अलग करें बाकी सब उसी तरह पढ़ेंगे।

ईशा की 3 रकात वित्र नमाज का तरीका

यह थोड़ा बाकी नमाज़ों से डिफिकल्ट होता है इसीलिए हमने इसे भी डिटेल्स में अलग बताया है जिसे आप आसानी से समझ कर अमल में ला सकें।

इसे जानने के लिए इस 3 रकात वित्र नमाज का तरीका पर क्लिक करके समझ लें इसके बाद पहले की तरह 2 रकात नफ्ल पढ़ेंगे।

यहां आपकी पुरी ईशा की नमाज की 17 रकात नमाज हो जाएगी हमने नीचे ईशा की नमाज की नियत बताई है उसे समझने के बाद एक एक लिंक पर क्लिक करके सब नमाज को समझ लें।

ईशा की 4 रकात सुन्नत नमाज की नियत

नियत की मैने 4 रकात नमाज़ ईशा की सुन्नत रसूले पाक की वास्ते अल्लाह तआला के रुख मेरा काअबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर।

ईशा की 4 रकात फर्ज नमाज की नियत

नियत की मैने नमाज़ ईशा की 4 रकात फर्ज़ वास्ते अल्लाह तआला के रुख मेरा काअबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर।

इमाम के पीछे इस तरह नियत करें

नियत की मैने नमाज़ ईशा की 4 रकात फर्ज़ वास्ते अल्लाह तआला के पीछे इस इमाम के रुख मेरा काअबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर।

ईशा की 2 रकात सुन्नत नमाज की नियत

नियत कि मैंने 2 रकात नमाज ईशा की सुन्नत रसूले पाक की फर्ज़ के बाद वास्ते अल्लाह तआला के रूख मेरा काअबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर।

ईशा की 2 रकात नफ्ल नमाज की नियत

नियत कि मैंने 2 रकात नमाज ईशा की नफ्ल वास्ते अल्लाह तआला के रूख मेरा काअबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर।

ईशा की 3 रकात वित्र की नियत

नियत की मैने 3 रकात नमाज वित्र की वाजिब वास्ते अल्लाह तआला के मुंह मेरा काबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर।

जमात में इस तरह करें नियत की मैने 3 रकात नमाज वित्र की वाजिब वास्ते अल्लाह तआला के पीछे इस इमाम के मुंह मेरा काबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर।

ईशा की नमाज की रकात

ईशा की नमाज में टोटल 17 रकात नमाज अदा पढ़ा जाता है सबसे पहले 4 रकात सुन्नत फिर फर्ज 4 रकात इसके बाद फिर 2 रकात सुन्नत। अब 2 रकात ईशा की नमाज में नफ्ल भी पढ़नी होती है इसके बाद वित्र पढ़ी जाती है अब आखिर में फिर से 2 रकात नफ्ल पढ़ कर नमाज मुकम्मल की जाती है।

ईशा की नमाज का सही वक्त जानें

ईशा की नमाज का सही वक्त मगरिब खत्म होने के बाद जब आसमान में फैली मगरिब के वक्त से सफेदी खत्म हो जाती है तो ईशा की नमाज अदा करने का वक्त शुरू हो जाता है।

ईशा की नमाज रात की पहली हिस्सा में अदा करना ताखिर मुस्तहब है आधी रात तक पढ़ना ताखिर मुबाह है, लेकिन आधी रात के बाद नमाज़ ना पढ़ें मकरुह है।

अंतिम लफ्ज़

मेरे प्यारे मोमिनों आप ने अब तक तो ईशा की नमाज अदा करना सिख ही गए होंगे अगर आपके मन में कोई सवाल हो तो आप हमसे कॉमेंट करके पूछ सकते हैं और इस बात को ज्यादा से ज्यादा लोगों के बीच शेयर करें जिसे वो भी सही से ईशा की नमाज पढ़ सकें।

एक बात और अगर कहीं पर आपको गलत लगा हो या कहीं कुछ छूट गई हो तो भी आप हमें कॉमेंट करके इनफॉर्म करें ताकि हम अपनी गलतियां सुधार सकें हम सब से छोटी बड़ी गलतियां होती रहती है इस के लिए आप को हम सब का रब जरूर अज्र देगा इंशाल्लाह तआला।114:49